पाठ 4:“बया हमारी चिड़िया रानी !”
संदर्भ : प्रस्तुत कविता हमारी हिंदी की पाठ्यपुस्तक से ली गई है। इस सुंदर कविता का नाम “बया हमारी चिड़िया रानी !” है। इसे प्रसिद्ध लेखिका और कवयित्री महादेवी वर्मा जी ने लिखा है।
प्रसंग : इस कविता में छोटे बच्चे एक ‘बया’ नाम की चिड़िया से बातें कर रहे हैं। बच्चे उस चिड़िया से बहुत प्यार करते हैं और उसे अपने पास ही रखना चाहते हैं।
व्याख्या
पहला पद्यांश :
“बया हमारी चिड़िया रानी !
तिनके लाकर महल बनाती,
ऊँची डाली पर लटकाती,
खेतों से फिर दाना लाती,
नदियों से भर लाती पानी।”
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सरल अर्थ: बच्चे बया चिड़िया को अपनी रानी मानते हुए कहते हैं कि हे बया चिड़िया! तुम बहुत मेहनत करके सूखे तिनके इकट्ठे करती हो और उनसे अपने लिए महल जैसा सुंदर घोंसला बनाती हो। फिर तुम अपने उस घोंसले को पेड़ की ऊँची डाली पर लटका देती हो। अपना घर बनाने के बाद तुम खेतों में जाकर अपने लिए दाना चुनकर लाती हो और दूर नदियों से पीने का पानी भरकर लाती हो।
दूसरा पद्यांश :
“तुझको दूर न जाने देंगे,
दानों से आँगन भर देंगे,
और हौज में भर देंगे हम,
मीठा-मीठा ठंडा पानी।”
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सरल अर्थ: बच्चों को चिड़िया की मेहनत देखकर दया आती है और वे बया से कहते हैं कि हे चिड़िया! अब हम तुम्हें दाना-पानी खोजने के लिए दूर नहीं जाने देंगे। हम तुम्हारे लिए अपने घर के आँगन में ही बहुत सारे दाने बिखेर देंगे। इसके साथ ही, हम हौज (पानी के बर्तन या कुंड) में तुम्हारे पीने के लिए मीठा और ठंडा पानी भी भर कर रख देंगे।
तीसरा पद्यांश :
“फिर अंडे सेयेगी तू जब,
निकलेंगे नन्हे बच्चे तब,
हम आकर बारी-बारी से,
कर लेंगे उनकी निगरानी।”
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सरल अर्थ: बच्चे आगे कहते हैं कि जब तुम घोंसले में अपने अंडों को सेयेगी (उनपर बैठकर उन्हें गर्मी दोगी) और उनमें से तुम्हारे प्यारे-प्यारे नन्हे बच्चे बाहर निकलेंगे, तब हम तुम्हारी मदद करेंगे। हम सभी बच्चे बारी-बारी से आकर तुम्हारे बच्चों की देखभाल (निगरानी) करेंगे और उन्हें सुरक्षित रखेंगे।
चौथा पद्यांश :
“फिर जब उनके पर निकलेंगे,
उड़ जाएँगे बया बनेंगे,
हम तब तेरे पास रहेंगे,
तू मत रोना चिड़िया रानी।”
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सरल अर्थ: अंत में बच्चे चिड़िया को दिलासा देते हुए कहते हैं कि जब तुम्हारे बच्चों के छोटे-छोटे पंख (पर) निकल आएँगे और वे भी तुम्हारी तरह बड़ी बया चिड़िया बनकर आसमान में उड़ जाएँगे, तब घोंसले में तुम अकेली रह जाओगी। लेकिन तुम उदास मत होना, उस समय हम सब तुम्हारे पास रहेंगे। इसलिए हे चिड़िया रानी! बच्चों के उड़ जाने के बाद तुम बिल्कुल मत रोना।
यह कविता हमें पक्षियों से प्यार करना और उनकी देखभाल करना सिखाती है!
बातचीत के लिए
प्रश्न 1: चित्र में क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
उत्तर: चित्र में एक सुंदर-सा लटकता हुआ घोंसला, दो बया चिड़ियाँ (एक घोंसले के अंदर और एक बाहर) और पेड़ की हरी डालियाँ दिखाई दे रही हैं।
प्रश्न 2: यह किस पक्षी का घोंसला है?
उत्तर: यह ‘बया’ पक्षी का घोंसला है।
प्रश्न 3: आपके अनुसार घोंसले में बैठी बया क्या सोच रही होगी?
उत्तर: घोंसले में बैठी बया सोच रही होगी कि उसका घर कितना सुरक्षित और सुंदर है, या वह अपने आने वाले नन्हे बच्चों के बारे में सोच रही होगी।
प्रश्न 4: चिड़िया अपना घर बनाने के लिए तिनके कहाँ से लाती होगी?
उत्तर: चिड़िया अपना घर बनाने के लिए सूखे तिनके खेतों, पेड़ों की डालियों और ज़मीन से ढूँढ़कर लाती होगी।
प्रश्न 5: आपने किन-किन पक्षियों के घोंसले देखे हैं?
उत्तर: (बच्चे अपने अनुभव से बता सकते हैं, जैसे-) मैंने कबूतर, गौरैया, और कौए के घोंसले देखे हैं।
सोचिए और लिखिए
प्रश्न: बया रानी अपना घर तिनकों से बनाती है। हम अपना घर बनाते समय किन-किन वस्तुओं का उपयोग करते हैं? सोचकर लिखिए –
उत्तर: हम अपना घर बनाते समय ईंट, सीमेंट, रेत, लोहा, लकड़ी, पत्थर और पानी जैसी वस्तुओं का उपयोग करते हैं।
पढ़िए, समझिए और रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
प्रश्न: बया के काम और आपके काम लिखिए।
उत्तर:
बया के काम |
आपके काम |
| · दाना लाना,
· तिनके लाना, · पानी लाना, · घोंसला बनाना। |
· स्कूल के लिए तैयार होना, पढ़ाई करना,
· खेलना, · घर के कामों में माता-पिता की मदद करना। |
शब्दों का खेल
प्रश्न 1: नीचे दिए गए शब्दों को उलटकर लिखिए और नए शब्दों का आनंद लीजिए –
उत्तर:
सीधा शब्द |
उल्टा शब्द |
सीधा शब्द |
उल्टा शब्द |
| दीन | नदी | खीरा | राखी |
| बस | सब | नीरा | रानी |
| दबा | बाद | रीना | नारी |
प्रश्न 2: नीचे लिखे विपरीत अर्थ वाले शब्दों का मिलान कीजिए –
प्रश्न 3: नीचे दिए गए शब्दों में से तुक मिलने वाले शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए –
प्रश्न 4: कविता को पढ़कर पंक्तियाँ पूरी कीजिए
(क) तिनके लाकर ………………………., ………………………. लटकाती।
उत्तर: तिनके लाकर महल बनाती, ऊँची डाली पर लटकाती।
(ख) तुझको दूर ………………………., ………………………. भर देंगे।
उत्तर: तुझको दूर न जाने देंगे, दानों से आँगन भर देंगे।
प्रश्न 5: जब एक हो तो वह ‘तिनका’ कहलाता है और अनेक हों तो ‘तिनके’। नीचे दिये गये एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप लिखिये-
उत्तर: (क) तिनका ➞ तिनके
(ख) दाना ➞ दाने
(ग) अंडा ➞ अंडे
(घ) बच्चा ➞ बच्चे
खेल-खेल में
प्रश्न 1: कविता में आए शब्दों को खोजकर उन पर घेरा लगाइए –
प्रश्न 2: पाठ में बया रानी नदियों से पानी लाती है। वह नदियों के अतिरिक्त कहाँ-कहाँ से पानी लाती होगी? रिक्त स्थानों में लिखिए –
उत्तर:
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पाठ में आया शब्द: नदी
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पाठ के अतिरिक्त: तालाब, कुआँ, झील, बारिश के गड्ढे
प्रश्न 3: अपनी मनपसंद चिड़िया का चित्र बनाइए और उसमें रंग भरिए –
उत्तर: (प्यारे बच्चों, यहाँ आपको अपनी कॉपी में अपनी सबसे पसंदीदा चिड़िया, जैसे मोर, तोता या गौरैया का सुंदर चित्र बनाना है और उसमें रंग भरना है!)
प्रश्न 4: केतकी बया के लिए घर बना रही है। क्रम से बताइए कि उसे क्या पहले करना चाहिए और क्या बाद में –
उत्तर: (सही क्रम)
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(घ) केतकी ने सोचा कि उसे बया के लिए घर बनाना चाहिए।
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(ङ) केतकी ने माँ से गत्ते, कील, कुछ कतरनें और कैंची माँगी।
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(च) केतकी ने माँ की मदद से एक सुंदर-सा घर बनाया।
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(क) केतकी ने बया के लिए बनाए घर पर रंग लीपा।
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(ग) केतकी ने चिड़िया के घर को अपने दादाजी की मदद से पेड़ की टहनी पर टांग दिया।
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(ख) नन्ही चिड़िया केतकी के बनाए घर में चली गई।
भूलभुलैया
प्रश्न 5: पक्षियों की भूलभुलैया में घर ढूँढ़ने में चिड़िया के बच्चों की सहायता कीजिए।
उत्तर: 
प्रश्न 6: नीचे दिए गए चित्र को देखकर बताइए कि बया और इस बच्ची के बीच क्या बातचीत हो रही होगी?
उत्तर:
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बच्ची: “प्यारी बया रानी, तुम हमेशा मेरे आँगन में आना। मैं तुम्हें मीठा पानी और ढेर सारा दाना दूँगी।”
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बया: “चीं-चीं! धन्यवाद मेरी प्यारी दोस्त! मैं अपने नन्हे बच्चों के साथ यहीं तुम्हारे पास रहूँगी।”
आइए बनाएँ
उत्तर: बच्चे कागज आदि की सहायता से अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में बया पक्षी बनायेंगे।
बूझो तो जानें (पहेलियाँ)
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प्रश्न 1: हरे वस्त्र और लाल चोंच है, रटना जिसका काम। कुतर-कुतरकर फल खाता है, लेता हरि का नाम।
उत्तर: तोता
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प्रश्न 2: कंठ सुरीला, रंग से काली, सबके मन को भाती। बैठ पेड़ की डाल पर, जो सबको गीत सुनाती।
उत्तर: कोयल
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प्रश्न 3: बड़े सवेरे घर की छत पर, मिलता गाँव-गाँव। काले रंग का पक्षी होता, करता काँव-काँव।
उत्तर: कौआ






