बाल विकास एवं शिक्षण विधि (Child Development and Pedagogy) – UPTET 2017

QUESTION 1-10

    1. निम्न में से कौनसा युग्म सही नहीं है?

(a) सीखने का उद्दीपक – अनुक्रिया सिद्धांत – थॉर्नडाइक

(b) सीखने का क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत – बी. एफ. स्किनर

(c) सीखने का क्लासिकल सिद्धांत – पावलॉव

(d) सीखने का समग्र सिद्धांत – हल

उत्तर-(d) सीखने का समग्र सिद्धांतहल

स्पष्टीकरण: क्लार्क एल. हल (Clark L. Hull) ने अधिगम का ‘प्रबलन सिद्धांत’ (Reinforcement Theory) दिया था, न कि समग्र (Gestalt) सिद्धांत। सीखने का समग्र या गेस्टाल्ट सिद्धांत कोहलर, कोफ्का और वर्दीमर से जुड़ा है (सूझ का सिद्धांत)। बाकी तीनों विकल्प (थॉर्नडाइक, स्किनर और पावलॉव के सिद्धांत) बिल्कुल सही सुमेलित हैं। अतः विकल्प (d) गलत युग्म है।

    1. इनमें से किनका नाम सुजननशास्त्र के पितासे जुड़ा हुआ है?

(a) क्रो एवं क्रो

(b) गाल्टन

(c) रॉस

(d) वुडवर्थ

उत्तर-(b) गाल्टन

स्पष्टीकरण: फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) को ‘सुजननशास्त्र’ (Eugenics) का जनक या पिता कहा जाता है। सुजननशास्त्र विज्ञान की वह शाखा है जिसमें यह अध्ययन किया जाता है कि आनुवंशिक (Genetics) नियमों का उपयोग करके मानव जाति की नस्ल और उसके शारीरिक व मानसिक गुणों को कैसे सुधारा जा सकता है।

    1. ग्रंथियों के आधार पर व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकारों की चर्चा किसने की है?

(a) क्रेशमर

(b) युंग

(c) कैनन

(d) स्प्रेंजर

उत्तर-(c) कैनन

स्पष्टीकरण: मनोवैज्ञानिक कैनन (Cannon) ने अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine glands – जैसे थायरॉइड, पिट्यूटरी आदि) के काम करने के तरीके के आधार पर व्यक्तित्व (Personality) के प्रकारों की चर्चा की है। (ध्यान दें: क्रेशमर ने शरीर की बनावट के आधार पर और युंग ने मनोवैज्ञानिक आधार पर व्यक्तित्व को बांटा था। यूपी परीक्षा बोर्ड ने बाद में इस प्रश्न के उत्तर को संशोधित कर कैनन माना था)

    1. सृजनात्मकता मौलिक परिणामों को अभिव्यक्त करने की मानसिक प्रक्रिया है।यह कथन है

(a) कोल एवं ब्रूस का

(b) ड्रेवहल का

(c) डीहान का

(d) क्रो एवं क्रो का

उत्तर-(d) क्रो एवं क्रो का

स्पष्टीकरण: यह बाल मनोविज्ञान की एक अत्यंत प्रसिद्ध परिभाषा है जो मनोवैज्ञानिक ‘क्रो एवं क्रो’ (Crow and Crow) द्वारा दी गई है। इसका सरल अर्थ यह है कि रचनात्मकता (Creativity) हमारे दिमाग की वह क्षमता है जिसके द्वारा हम कुछ बिल्कुल नया, अपना और मौलिक (Original) विचार या वस्तु दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं।

    1. विद्रोह की भावनाकी प्रवृत्ति निम्न में से किस अवस्था से संबंधित है?

(a) बाल्यावस्था

(b) शैशवावस्था

(c) पूर्व किशोरावस्था

(d) मध्य किशोरावस्था

उत्तर-(c) पूर्व किशोरावस्था

स्पष्टीकरण: ‘विद्रोह की भावना’ (Feeling of rebellion) मुख्य रूप से ‘पूर्व किशोरावस्था’ (लगभग 12 से 14 वर्ष की आयु) की सबसे बड़ी विशेषता है। इस उम्र में बच्चों के शरीर और हार्मोन्स में अचानक बहुत तेज़ी से बदलाव होते हैं। वे खुद को बड़ा महसूस करने लगते हैं और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाना चाहते हैं, जिसके कारण वे अक्सर माता-पिता या समाज के नियमों का विरोध (विद्रोह) करने लगते हैं।

    1. सीखने की वह अवधि, जब सीखने की प्रक्रिया में कोई उन्नति नहीं होती, कहलाती है

(a) सीखने का वक्र

(b) सीखने का पठार

(c) स्मृति

(d) अवधान

उत्तर-(b) सीखने का पठार

स्पष्टीकरण: जब हम कोई नई चीज़ सीखते हैं, तो हमेशा एक जैसी गति से नहीं सीखते। एक समय ऐसा आता है जब लाख कोशिश करने के बाद भी हमारे सीखने की गति रुक सी जाती है और उसमें कोई सुधार (उन्नति) नहीं दिखता। ग्राफ पर यह एक सीधी सपाट रेखा की तरह दिखता है। इस रुकी हुई अवस्था को ‘सीखने का पठार’ (Plateau of Learning) कहा जाता है।

    1. बुद्धिलब्धि निकालने का सूत्र है

(a) मानसिक आयु × वास्तविक आयु

(b) वास्तविक आयु / मानसिक आयु

(c) (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100

(d) वास्तविक आयु + मानसिक आयु

उत्तर-(c) (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100

स्पष्टीकरण: किसी व्यक्ति की बुद्धि-लब्धि (IQ – Intelligence Quotient) निकालने का सही और प्रामाणिक सूत्र है: उसकी ‘मानसिक आयु’ (Mental Age) को उसकी ‘वास्तविक आयु’ (Chronological Age) से भाग देकर 100 से गुणा करना। इस सूत्र को मनोवैज्ञानिक विलियम स्टर्न ने सुझाया था और लुईस टर्मन (Terman) ने इसे इसका वर्तमान रूप (× 100) दिया था।

    1. सीखने में प्रयास भूल के सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया?

(a) कोहलर

(b) पावलॉव

(c) थॉर्नडाइक

(d) गेस्टाल्ट

उत्तर-(c) थॉर्नडाइक

स्पष्टीकरण: ‘प्रयास व भूल का सिद्धांत’ (Trial and Error Theory of Learning) अमेरिकी मनोवैज्ञानिक ई.एल. थॉर्नडाइक (E.L. Thorndike) ने दिया था। उन्होंने एक भूखी बिल्ली पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि प्राणी शुरुआत में बहुत सी गलतियां (भूल) करता है, लेकिन बार-बार प्रयास करने से उसकी गलतियां कम होती जाती हैं और अंत में वह सही काम करना सीख जाता है।

    1. सामान्य संयुक्त कोशिका में गुणसूत्रों के जोड़े होते हैं

(a) 22

(b) 23

(c) 24

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर-(b) 23

स्पष्टीकरण: एक सामान्य मानव कोशिका में कुल 46 गुणसूत्र (Chromosomes) पाए जाते हैं। ये गुणसूत्र हमेशा जोड़ों (Pairs) में रहते हैं। इसलिए 46 गुणसूत्रों के कुल 23 जोड़े होते हैं। इनमें से 22 जोड़े पुरुष और महिला दोनों में समान होते हैं, जिन्हें ऑटोसोम कहते हैं, और 23वां जोड़ा लिंग (Sex) निर्धारित करता है।

    1. क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत का प्रतिपादन किया

(a) हॉल ने

(b) थॉर्नडाइक ने

(c) हेगार्टी ने

(d) स्किनर ने

उत्तर-(d) स्किनर ने

स्पष्टीकरण: ‘क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत’ (Operant Conditioning Theory) बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा दिया गया है। स्किनर ने चूहों और कबूतरों पर प्रयोग किए। इस सिद्धांत का मुख्य विचार यह है कि हम किसी काम (व्यवहार) को इसलिए सीखते या दोहराते हैं क्योंकि उसके बाद हमें कोई इनाम (पुरस्कार/Reinforcement) मिलता है। यदि दंड मिले, तो हम वह काम करना छोड़ देते हैं।

QUESTION 11-20

    1. कोहलर निम्न में से किससे संबंधित हैं?

(a) अभिप्रेरणा का सिद्धांत

(b) विकास का सिद्धांत

(c) व्यक्तित्व का सिद्धांत

(d) अधिगम का सिद्धांत

उत्तर-(d) अधिगम का सिद्धांत

स्पष्टीकरण: वोल्फगैंग कोहलर (Köhler) एक गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिक थे और उनका सीधा संबंध ‘अधिगम (सीखने) के सिद्धांत’ (Theory of Learning) से है। उन्होंने सुल्तान नामक चिंपैंजी पर प्रयोग करके ‘सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत’ (Insight Theory of Learning) दिया था, जो बताता है कि सीखना रटने से नहीं बल्कि अचानक आई समझ (सूझ) से होता है।

    1. बुद्धि के तरल क्रिस्टलीय प्रतिमान के प्रतिपादक कौन थे?

(a) कैटेल

(b) थॉर्नडाइक

(c) वर्नन

(d) स्किनर

उत्तर-(a) कैटेल

स्पष्टीकरण: बुद्धि का ‘तरल और ठोस (क्रिस्टलीय) प्रतिमान’ (Fluid and Crystallized Intelligence Theory) रेमंड कैटेल (R.B. Cattell) द्वारा दिया गया था। ‘तरल बुद्धि’ वह जन्मजात तर्क क्षमता है जिससे हम नई और अनजानी समस्याओं को सुलझाते हैं। ‘क्रिस्टलीय (ठोस) बुद्धि’ वह ज्ञान है जो हम अपने जीवन में अनुभव, शिक्षा और संस्कृति से अर्जित करते हैं।

    1. शिक्षण हेतु मानसिक उद्वेलन प्रतिमान का प्रयोग निम्न में से किसके सुधार हेतु किया जाता है?

(a) समझ

(b) अनुप्रयोग

(c) सृजनात्मकता

(d) समस्या समाधान

उत्तर-(c) सृजनात्मकता

स्पष्टीकरण: ‘मानसिक उद्वेलन’ (Brainstorming) शिक्षण की एक आधुनिक और बहुत प्रभावी तकनीक है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के अंदर ‘सृजनात्मकता’ (Creativity / रचनात्मकता) को बाहर निकालना और सुधारना है। इस विधि में बच्चों को किसी एक विषय पर सोचने के लिए आज़ाद छोड़ दिया जाता है ताकि वे बिना डरे नए-नए और अनोखे (out-of-the-box) विचार प्रस्तुत कर सकें।

    1. गोलमैन निम्न में से किससे संबंधित हैं?

(a) सामाजिक बुद्धि

(b) संवेगात्मक बुद्धि

(c) आध्यात्मिक बुद्धि

(d) सामान्य बुद्धि

उत्तर-(b) संवेगात्मक बुद्धि

स्पष्टीकरण: डेनियल गोलमैन (Daniel Goleman) का नाम ‘संवेगात्मक बुद्धि’ (Emotional Intelligence – EQ) के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है। 1995 में उन्होंने अपनी पुस्तक में बताया कि जीवन में सफल होने के लिए IQ (सामान्य बुद्धि) से ज्यादा EQ (संवेगात्मक बुद्धि) ज़रूरी है। इसका मतलब है अपने गुस्से, डर, खुशी जैसी भावनाओं को समझना और उन पर नियंत्रण रखना, साथ ही दूसरों की भावनाओं को भी समझना।

    1. निम्न में कौन शेष से भिन्न है?

(a) अधिगम के लिए अधिगम का सिद्धांत

(b) समान अवयवों का सिद्धांत

(c) ड्राइव रिडक्शन सिद्धांत

(d) सामान्यीकरण का सिद्धांत

उत्तर-(c) ड्राइव रिडक्शन सिद्धांत

स्पष्टीकरण: विकल्प (a), (b), और (d) अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) से जुड़े सिद्धांत हैं (यानी एक जगह सीखा हुआ ज्ञान दूसरी जगह कैसे काम आता है)। लेकिन विकल्प (c) ‘ड्राइव रिडक्शन सिद्धांत’ (Drive Reduction Theory) क्लार्क हल द्वारा दिया गया एक ‘अभिप्रेरणा’ (Motivation) का सिद्धांत है, जो बताता है कि इंसान अपनी शारीरिक ज़रूरतों (जैसे भूख, प्यास की ड्राइव) को कम करने के लिए काम करता है। इसलिए यह बाकियों से अलग है।

    1. संज्ञानात्मक सम्प्राप्ति का न्यूनतम स्तर है

(a) ज्ञान

(b) बोध

(c) अनुप्रयोग

(d) विश्लेषण

उत्तर-(a) ज्ञान

स्पष्टीकरण: बेंजामिन ब्लूम ने सीखने (संज्ञानात्मक क्षेत्र) को 6 स्तरों में बांटा है। यह एक सीढ़ी की तरह है। इसका सबसे पहला, बुनियादी और न्यूनतम स्तर ‘ज्ञान’ (Knowledge) है। इस स्तर पर बच्चा केवल तथ्यों, परिभाषाओं या नामों को रट कर याद रखता है, उसे पूरी तरह समझता नहीं है। इसके ऊपर बोध (समझना), फिर अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन आते हैं।

    1. एक बालक जो साइकिल चलाना जानता है, मोटरबाइक चलाना सीख रहा है। यह उदाहरण होगा

(a) क्षैतिज अधिगम अंतरण का

(b) ऊर्ध्व अधिगम अंतरण का

(c) द्विपार्श्विक अधिगम अंतरण का

(d) कोई भी अधिगम अंतरण नहीं

उत्तर-(b) ऊर्ध्व अधिगम अंतरण का

स्पष्टीकरण: जब हम कोई सरल काम करना जानते हैं और उस ज्ञान का उपयोग करके उससे मिलता-जुलता लेकिन ज्यादा कठिन/उच्च स्तर का काम सीखते हैं, तो इसे ‘ऊर्ध्व अधिगम अंतरण’ (Vertical Transfer of Learning) कहते हैं। साइकिल (सरल स्तर) चलाने का संतुलन मोटरबाइक (कठिन/उच्च स्तर) सीखने में मदद करता है, इसलिए यह ऊर्ध्व अंतरण का सटीक उदाहरण है।

    1. निम्न में से कौनसा अधिगम के पठार का कारण नहीं है?

(a) प्रेरणा की सीमा

(b) विद्यालय का असहयोग

(c) शारीरिक सीमा

(d) ज्ञान की सीमा

उत्तर-(b) विद्यालय का असहयोग

स्पष्टीकरण: अधिगम का पठार (सीखने की प्रक्रिया में ठहराव) मुख्य रूप से व्यक्ति की अपनी आंतरिक कमियों के कारण आता है। जैसे- जब वह थक जाता है (शारीरिक सीमा), उसका मन नहीं करता (प्रेरणा की कमी), या विषय उसकी समझ से बाहर हो (ज्ञान की सीमा)। ‘विद्यालय का असहयोग’ एक बाहरी और प्रशासनिक कारण है, जिसे मनोविज्ञान में पठार का प्राथमिक मनोवैज्ञानिक कारण नहीं माना जाता।

    1. अधिगम, अनुभव और प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन है।यह कथन किनके द्वारा दिया गया?

(a) गेट्स व अन्य

(b) मॉर्गन और गिलिलैंड

(c) स्किनर

(d) क्रॉनबैक

उत्तर-(a) गेट्स अन्य

स्पष्टीकरण: यह अधिगम (Learning) की सबसे मान्य और स्पष्ट परिभाषाओं में से एक है, जिसे ‘गेट्स और अन्य’ (Gates and others) ने दिया था। इसका सीधा सा मतलब है कि जन्म के बाद हम जीवन में जो भी नए अनुभव प्राप्त करते हैं या ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) लेते हैं, उससे हमारे काम करने के तरीके (व्यवहार) में जो बदलाव आता है, उसी को सीखना कहते हैं।

    1. स्टैनफोर्डबिने परीक्षणमापन करता है

(a) व्यक्तित्व का

(b) पढ़ने की दक्षता का

(c) बुद्धि का

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर-(c) बुद्धि का

स्पष्टीकरण: ‘स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण’ (Stanford-Binet Intelligence Scales) मनोविज्ञान के इतिहास में ‘बुद्धि’ (Intelligence) मापने का सबसे प्रसिद्ध और पुराना मानक परीक्षण है। मूल रूप से इसे अल्फ्रेड बिने ने फ्रांस में बनाया था, बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के टर्मन ने इसमें सुधार किया, जिसके बाद यह IQ (बुद्धि-लब्धि) मापने का सबसे प्रमुख साधन बन गया।

QUESTION 21-30

    1. अंतर्मुखी व्यक्तित्व एवं बहिर्मुखी व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसने किया है?

(a) फ्रॉयड

(b) युंग

(c) मन

(d) आलपोर्ट

उत्तर-(b) युंग

स्पष्टीकरण: मनोवैज्ञानिक कार्ल युंग (Carl Jung) ने लोगों के व्यवहार और उनके सामाजिक घुलने-मिलने के आधार पर व्यक्तित्व को दो प्रमुख भागों में बांटा है: ‘अंतर्मुखी’ (Introvert) – जो लोग शर्मीले होते हैं, कम बोलते हैं और अपने ख्यालों में रहते हैं, और ‘बहिर्मुखी’ (Extrovert) – जो लोग सामाजिक होते हैं, दोस्त बनाना पसंद करते हैं और बाहर की दुनिया में सक्रिय रहते हैं।

    1. बच्चों के सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक हैं

(a) आर्थिक तत्व

(b) सामाजिक परिवेशजन्य तत्व

(c) शारीरिक तत्व

(d) वंशानुगत तत्व

उत्तर-(b) सामाजिक परिवेशजन्य तत्व

स्पष्टीकरण: कोई बच्चा समाज में कैसे रहना, बोलना और व्यवहार करना सीखेगा, यह सबसे ज्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि वह कैसे माहौल में रह रहा है। उसके आस-पास का परिवार, पड़ोस, दोस्त, रिश्तेदार और स्कूल का वातावरण ‘सामाजिक परिवेशजन्य तत्व’ (Socio-environmental factors) कहलाते हैं, जो उसके सामाजिक विकास की दिशा तय करते हैं।

    1. निम्न में से कौनसा शारीरिक विकास का एक प्रमुख नियम है?

(a) मानसिक विकास से भिन्नता का विकास

(b) अनियमित विकास का नियम

(c) द्रुतगामी विकास का नियम

(d) कल्पना और संवेगात्मक विकास से संबंध का नियम

उत्तर-(c) द्रुतगामी विकास का नियम

स्पष्टीकरण: शारीरिक विकास जीवन भर एक समान गति से नहीं चलता। जन्म के बाद शुरुआत में (शैशवावस्था) और फिर किशोरावस्था (Adolescence) में शरीर की लंबाई, वजन और अंगों का विकास बहुत तेज़ी से होता है। इसी तेज़ी से बढ़ने की प्रक्रिया को ‘द्रुतगामी विकास का नियम’ (Law of rapid growth) कहा जाता है।

    1. निम्न में से कौनसा विकास का सिद्धांत नहीं है?

(a) अनुकूलित प्रत्यावर्तन का सिद्धांत

(b) निरंतर विकास का सिद्धांत

(c) परस्पर संबंध का सिद्धांत

(d) समान प्रतिमान का सिद्धांत

उत्तर-(a) अनुकूलित प्रत्यावर्तन का सिद्धांत

स्पष्टीकरण: ‘अनुकूलित प्रत्यावर्तन का सिद्धांत’ (Theory of Conditioned Reflex) रूसी मनोवैज्ञानिक इवान पावलॉव द्वारा दिया गया ‘सीखने’ (अधिगम) का सिद्धांत है (कुत्ते की लार वाला प्रयोग)। इसका बाल विकास से सीधा संबंध नहीं है। जबकि विकास हमेशा चलता रहता है (निरंतर), शरीर और मन का विकास जुड़ा है (परस्पर संबंध), और सभी इंसानों के विकास का क्रम एक जैसा होता है (समान प्रतिमान)—ये तीनों विकास के स्थापित सिद्धांत हैं।

    1. विकास के परिणामस्वरूप नवीन विशेषताएं और नवीन योग्यताएं प्रकट होती हैं।यह कथन किसने दिया है?

(a) गोसेल

(b) हरलॉक

(c) मेरेडिथ

(d) डगलस और हॉलैंड

उत्तर-(b) हरलॉक

स्पष्टीकरण: यह कथन प्रसिद्ध बाल मनोवैज्ञानिक ‘एलिजाबेथ हरलॉक’ (Elizabeth Hurlock) द्वारा दिया गया है। हरलॉक का मानना था कि विकास का अर्थ केवल बच्चे का बड़ा होना नहीं है, बल्कि परिपक्व होने की इस प्रक्रिया में बच्चे के अंदर सोचने-समझने और काम करने की नई क्षमताएं और नई योग्यताएं विकसित होती हैं जो पहले नहीं थीं।

    1. मूल प्रवृत्तियों को चौदह प्रकार से किसने वर्गीकृत किया है?

(a) ड्रेवर

(b) मैकडूगल

(c) थॉर्नडाइक

(d) वुडवर्थ

उत्तर-(b) मैकडूगल

स्पष्टीकरण: मनोवैज्ञानिक विलियम मैकडूगल (William McDougall) ने यह सिद्धांत दिया कि हर इंसान के अंदर जन्म से ही कुछ प्रवृत्तियां (Instincts) होती हैं जो उसे काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने ऐसी कुल 14 मूल प्रवृत्तियों की पहचान की (जैसे- पलायन, युयुत्सा, जिज्ञासा आदि) और बताया कि हर मूल प्रवृत्ति के साथ एक संवेग (Emotion – जैसे डर, क्रोध, आश्चर्य) जुड़ा होता है।

    1. किसी दूसरी वस्तु की अपेक्षा एक वस्तु पर चेतना का केंद्रीकरण अवधान है।यह कथन है?

(a) डम्बिल का

(b) रॉस का

(c) मन का

(d) मैकडूगल का

उत्तर-(a) डम्बिल का

स्पष्टीकरण: यह मनोवैज्ञानिक ‘डम्बिल’ (Dumville) की दी हुई परिभाषा है। ‘अवधान’ (Attention) का मतलब है फोकस या ध्यान लगाना। इस परिभाषा का सरल अर्थ है कि अपने आस-पास मौजूद हज़ारों चीज़ों को नज़रअंदाज़ करके अपने दिमाग (चेतना) को सिर्फ किसी एक ही चीज़ या काम पर पूरी तरह लगा देना ही ध्यान (अवधान) कहलाता है।

    1. निम्न में से कौनसा सीखने के मुख्य नियमों में शामिल नहीं है?

(a) तत्परता का नियम

(b) अभ्यास का नियम

(c) बहु-अनुक्रिया का नियम

(d) प्रभाव का नियम

उत्तर-(c) बहुअनुक्रिया का नियम

स्पष्टीकरण: थॉर्नडाइक ने सीखने (अधिगम) के नियमों को दो भागों में बांटा है: 3 मुख्य नियम (Primary) और 5 गौण नियम (Secondary)। तत्परता (Readiness), अभ्यास (Exercise) और प्रभाव (Effect) सीखने के 3 ‘मुख्य’ नियम हैं। ‘बहु-अनुक्रिया का नियम’ (Law of Multiple Response – किसी समस्या को हल करने के लिए कई तरह की प्रतिक्रियाएं करना) उनका एक ‘गौण’ (Secondary) नियम है।

    1. 12 वर्ष से 16 वर्ष के बच्चों के लिए हिंदी में डॉ. एस. जलोटा ने कौनसा परीक्षण प्रतिपादित किया है?

(a) अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण

(b) साधारण मानसिक योग्यता परीक्षण

(c) आर्मी अल्फा परीक्षण

(d) चित्रांकन परीक्षण

उत्तर-(b) साधारण मानसिक योग्यता परीक्षण

स्पष्टीकरण: भारत में बुद्धि परीक्षण के क्षेत्र में डॉ. एस. जलोटा (Dr. S. Jalota) का बड़ा योगदान है। उन्होंने 1951 में 12 से 16 वर्ष की आयु के स्कूली बच्चों की मानसिक क्षमता जांचने के लिए हिंदी भाषा में एक ग्रुप टेस्ट बनाया था, जिसका नाम ‘साधारण मानसिक योग्यता परीक्षण’ (General Mental Ability Test) है।

    1. बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया?

(a) थॉर्नडाइक

(b) स्पीयरमैन

(c) वर्नन

(d) स्टर्न

उत्तर-(b) स्पीयरमैन

स्पष्टीकरण: ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) ने 1904 में बुद्धि का ‘द्विकारक सिद्धांत’ (Two-Factor Theory) दिया था। उन्होंने बताया कि हमारी बुद्धि दो चीज़ों (कारकों) से मिलकर बनती है: पहला ‘G-factor’ (सामान्य कारक) जो हमें जन्म से मिलता है और हर मानसिक काम में इस्तेमाल होता है, और दूसरा ‘S-factor’ (विशिष्ट कारक) जो हम अपने जीवन में विशेष कौशल (जैसे संगीत, गणित) सीखकर प्राप्त करते हैं।

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