इको क्लब कार्ययोजना
माह - जनवरी
मुख्य फोकस: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 30 जनवरी (National Cleanliness Day), स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान
मुख्य कार्ययोजना
- 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस के अवसर पर इको-फ्रेंडली समारोह का आयोजन एवं प्लास्टिक झंडों का पूर्ण बहिष्कार।
- 30 जनवरी: 'राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस' (National Cleanliness Day) के अवसर पर स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित करना।
- कचरे के असुरक्षित निस्तारण (विशेषकर हॉस्पिटल के कचरे) के प्रति जागरूकता।
- विद्यालय एवं आस-पास के क्षेत्रों में स्वच्छता तथा सौन्दर्गीकरण अभियान चलाना।
- पॉलीथीन बैग के उपयोग को रोकने हेतु जनमानस को संवेदनशील बनाना।
गतिविधियों का विवरण
प्रथम गतिविधि - गणतंत्र दिवस समारोह (26 जनवरी)
- गणतंत्र दिवस के अवसर पर इको क्लब के सदस्यों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित एक विशेष झांकी (Tableau) या नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करना।
- राष्ट्रीय पर्व पर प्लास्टिक के राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग न करने तथा केवल कागज या कपड़े के झंडों का उपयोग करने के लिए सभी को जागरूक करना।
- ध्वजारोहण के पश्चात् अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण (Plantation) करना।
द्वितीय गतिविधि - राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस (30 जनवरी)
- बच्चों के माध्यम से विद्यालय परिसर में संगोष्ठी, पोस्टर पेंटिंग, व निबन्ध लेखन आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना।
- विद्यालय व आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता एवं सौन्दर्गीकरण अभियान चलाना।
तृतीय गतिविधि - कचरा निस्तारण जागरूकता
- प्रार्थना सभा में पर्यावरण को क्षति पहुँचाने वाले कार्यों जैसे गैर-चिन्हित स्थलों पर कूड़ा फेंकने के विरुद्ध जागरूक करना।
- हॉस्पिटल/क्लीनिक के कूड़े-कचरे (Medical Waste) के असुरक्षित निस्तारण के गंभीर खतरों के बारे में समझाना।
चतुर्थ गतिविधि - पॉलीथीन मुक्त अभियान
- विद्यार्थियों एवं जनमानस को पॉलीथीन बैग का उपयोग न करने के लिए प्रेरित करना।
- सार्वजनिक स्थलों पर पॉलीथीन फेंकने से जल निकास प्रणाली (Drainage) एवं सीवर पूर्णतः अवरूद्ध हो जाने की समस्या पर परिचर्चा करना।
महत्वपूर्ण तथ्य
गणतंत्र दिवस एवं पर्यावरण
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A (g) के अनुसार, प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदी और वन्य जीव) की रक्षा और संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है।
- राष्ट्रीय पर्व पर प्लास्टिक के झंडों का इस्तेमाल करने से प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए बायोडिग्रेडेबल (कागज या कपड़े) झंडों का ही उपयोग करना चाहिए।
स्वच्छता और स्वास्थ्य
- साफ-सफाई रखने से कई गंभीर बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया, डायरिया) से बचा जा सकता है।
- मेडिकल कचरे (Medical Waste) का सही निस्तारण न होने से संक्रमण और महामारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है।
पॉलीथीन के नुकसान
- पॉलीथीन कभी गलता नहीं है। इसे नष्ट होने में सैकड़ों वर्ष लग जाते हैं और यह मिट्टी को बंजर बना देता है।
- नालियों और सीवर में पॉलीथीन फँसने से गंदा पानी सड़कों पर आता है, जो बीमारियों का मुख्य कारण बनता है।
कविता व स्लोगन
प्रेरक कविताएँ
"गणतंत्र दिवस का है यह नारा, हरा-भरा हो देश हमारा।"
"देशभक्ति का यही है मान, पर्यावरण का रखें हम ध्यान।"
"स्वच्छता को अपनाना है, बीमारियों को दूर भगाना है।"
"पॉलीथीन का करो बहिष्कार, सुरक्षित रहे हमारा संसार।"
स्लोगन
- "गणतंत्र का सम्मान करें, पर्यावरण का ध्यान धरें"
- "स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत"
- "पॉलीथीन हटाओ, धरती बचाओ"
- "गंदगी से करो किनारा, तभी बनेगा देश हमारा"
स्वच्छता में ईश्वर का वास, यही है हमारे इको क्लब का प्रयास।
Signature of Eco Club president
Signature of Eco Club Nodal teacher
Signature of School Head
प्रस्तुति: (www.shikshanseva.com)
