पाठ 3: ‘नीम’
संदर्भ:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ (कक्षा 4) के पाठ 3 ‘नीम’ नामक कविता से ली गई हैं। इस कविता के रचयिता श्री हरीश निगम हैं।
प्रसंग :
इस कविता में कवि ने नीम के पेड़ की उपयोगिता, उसके औषधीय गुणों और उसके परोपकारी (दूसरों का भला करने वाले) स्वभाव का बहुत ही सरल और सुंदर वर्णन किया है।
व्याख्या
पहला पद्यांश :
लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम ।
चिड़िया, कौआ, तोता सबसे,
अपना नेह जताता नीम।
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व्याख्या: कवि कहते हैं कि नीम का पेड़ हवा के झोंकों के साथ मस्ती में लहराता और झूमता रहता है। उसे देखकर ऐसा लगता है मानो वह दिन भर खुशी से हँस और गा रहा हो। नीम का पेड़ चिड़िया, कौआ, तोता और अन्य सभी पक्षियों से बहुत प्यार (नेह) करता है। वह उन सभी को अपनी डालियों पर बैठने और घोंसला बनाने की जगह देता है।
दूसरा पद्यांश :
नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।
चले प्रदूषित वायु कभी तो,
उसको शुद्ध बनाता नीम।
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व्याख्या: नीम का पेड़ कोई डॉक्टर या वैद्य नहीं है, फिर भी इसमें इतनी दवाइयों वाले (औषधीय) गुण होते हैं कि यह हमारी बहुत सी बीमारियों को दूर भगा देता है। जब भी हवा में धूल, धुआँ और गंदगी (प्रदूषित वायु) मिल जाती है, तो नीम का पेड़ उस गंदी हवा को भी साफ (शुद्ध) कर देता है और हमें साँस लेने के लिए ताजी हवा देता है।
तीसरा पद्यांश :
कड़वे तन में मन को मीठा,
रखना हमें सिखाता नीम ।
हवा चले तो झूम-झूमके,
सब का मन बहलाता नीम।
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व्याख्या: नीम के पत्ते, छाल और फल (निबौरी) स्वाद में बहुत कड़वे होते हैं (कड़वा तन), लेकिन फिर भी वह हमेशा दूसरों को फायदा पहुँचाता है (मीठा मन)। नीम हमें यह सीख देता है कि बाहर से हमारा रूप-रंग चाहे कैसा भी हो, लेकिन हमारे मन में दूसरों के लिए हमेशा प्यार और मिठास होनी चाहिए। जब भी तेज़ हवा चलती है, तो नीम का पेड़ झूम-झूम कर सभी को आनंदित करता है और सबका मन बहलाता है।
चौथा पद्यांश :
लेता नहीं किसी से कुछ भी,
पर कितना दे जाता नीम।
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व्याख्या: कविता की इन अंतिम पंक्तियों में कवि कहते हैं कि नीम का पेड़ बहुत ही निस्वार्थ और परोपकारी है। वह हम इंसानों या पक्षियों से अपने लिए कभी कुछ नहीं माँगता, लेकिन बदले में वह हमें शुद्ध हवा, बीमारियाँ भगाने वाली दवाइयाँ, ठंडी छाया और ढेर सारी खुशी के रूप में अपना बहुत कुछ दे जाता है।
कविता से मिलने वाली शिक्षा :
नीम के पेड़ की तरह हमें भी निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करनी चाहिए और अपने मन में हमेशा अच्छाई व मिठास रखनी चाहिए।
प्रश्न 1: नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं?
उत्तर: नीम एक बहुत ही गुणकारी और उपयोगी पेड़ है। इसके पत्ते, छाल, फल और फूल सभी का उपयोग औषधियों (दवाइयों) के रूप में किया जाता है। यह हवा को शुद्ध करता है और हमें घनी और ठंडी छाया देता है।
प्रश्न 2: आपने अपने परिवेश में बहुत से पेड़-पौधे देखे होंगे। कुछ के नाम बताइए।
उत्तर: मैंने अपने परिवेश में आम, अमरूद, पीपल, बरगद, नीम, जामुन और तुलसी आदि के पेड़-पौधे देखे हैं।
प्रश्न 3: आप विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर कर पाते हैं?
उत्तर: हम पेड़-पौधों की पहचान उनके पत्तों के आकार, उनके फलों, फूलों, तने की बनावट और उनकी खुशबू के आधार पर करते हैं।
प्रश्न 4: पेड़-पौधों से जुड़ा अपना कोई अनुभव सुनाइए, जैसे आपने कोई पौधा लगाया हो या किसी वृक्ष की छाया के नीचे आप खेलते हों।
उत्तर: मेरे घर के पास एक बहुत बड़ा बरगद का पेड़ है। गर्मियों की छुट्टियों में मैं अपने दोस्तों के साथ उसी पेड़ की ठंडी छाया में खेलता हूँ। पिछले साल मैंने अपने विद्यालय के बगीचे में एक नीम का पौधा भी लगाया था।
प्रश्न 5: आपको सबसे अच्छा पेड़ कौन-सा लगता है? आपको यही पेड़ सबसे अच्छा क्यों लगता है?
उत्तर: मुझे आम का पेड़ सबसे अच्छा लगता है क्योंकि मुझे मीठे आम खाना बहुत पसंद है और यह पेड़ बहुत घनी छाया भी देता है।
प्रश्न 1: इस कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर: इस कविता में चिड़िया, कौआ और तोता के नाम आए हैं।
प्रश्न 2: नीम से किन-किन रोगों में लाभ हो सकता है? किन्हीं तीन के नाम पता करके लिखिए।
उत्तर: नीम से होने वाले तीन प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
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त्वचा रोग (दाद, खाज, खुजली)
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पेट के रोग (पाचन संबंधी समस्याएँ)
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दाँतों और मसूड़ों के रोग (पायरिया)
प्रश्न 3: नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?
उत्तर: जब हवा चलती है, तो नीम का वृक्ष झूम-झूम कर सबका मन बहलाता है।
प्रश्न 4: कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़िए – “चिड़िया, कौआ, तोता सबसे अपना नेह जताता नीम” इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द ‘नेह’ का भाव है – प्यार व स्नेह। अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
उत्तर: नीम का वृक्ष पक्षियों को अपनी डालियों पर बैठने और घोंसला बनाने की जगह (आश्रय) देकर अपना नेह जताता है।
(ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
उत्तर: मेरे परिवार के सदस्य मेरी अच्छी तरह देखभाल करके और मेरी ज़रूरतों को पूरा करके अपना नेह जताते हैं। मेरे अध्यापक मुझे अच्छी बातें सिखाकर, मेरा सही मार्गदर्शन करके अपना नेह जताते हैं।
प्रश्न 5: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए – “चले प्रदूषित वायु कभी तो उसको शुद्ध बनाता नीम”
(क) ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: ‘प्रदूषित वायु’ का अर्थ है — गंदी हवा। जब हवा में धूल-मिट्टी और हानिकारक गैसें मिल जाती हैं, तो उसे प्रदूषित वायु कहते हैं।
(ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?
उत्तर: वृक्ष हवा में मौजूद हानिकारक गैस (कार्बन डाइऑक्साइड) को सोख लेते हैं और हमारे साँस लेने के लिए ताजी हवा (ऑक्सीजन) छोड़ते हैं। इस प्रकार वे प्रदूषित वायु को शुद्ध बनाते हैं।
प्रश्न 6: नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं? (क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।” कविता की पंक्ति – (ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।” कविता की पंक्ति –
उत्तर:(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।”
कविता की पंक्ति – डॉक्टर फिर भी देखो, कितने रोग भगाता नीम।
(ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।”
कविता की पंक्ति – – लहराता-बलखाता नीम, दिनभर हँसता-गाता नीम।
(क) अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।
उत्तर: कविता में आए क्रिया शब्द—लहराता, बलखाता हँसता, गाता, जताता, भगाता, बनाता, सिखाता, बहलाता, जाता—से पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।
प्रश्न: (ख) नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की श्रेणी में रखिए।
उत्तर:
| स्त्रीलिंग | पुल्लिंग |
| लौकी, गोभी, भिंडी, तोरई, नाशपाती | आलू, टमाटर, बैंगन, प्याज, सेब, अंगूर, कटहल |
प्रश्न 2: ‘प्रदूषित’ शब्द में ‘प्र’ लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।
उत्तर:
- प्रकाश
- प्रयोग
- प्रगति
- प्रसिद्ध
प्रश्न: ‘नीम’ कविता में बहुत से क्रिया शब्द आए हैं। कविता एक बार पुनः पढ़िए और नीचे लिखे क्रिया शब्दों के भाव के अनुसार अभिनय कीजिए – बलखाना, लहराना, हँसना, नेह जताना, गाना, भगाना
उत्तर: student will do it in the guidance of teacher.
प्रश्न 1: वृक्षों की बहुत-सी विशेषताएँ होती हैं, उन विशेषताओं को लिखिए – हरा-भरा…
उत्तर:
| वृक्ष की विशेषताएँ |
| हरा-भरा |
| छायादार |
| फलदायक |
| जीवनदायी (ऑक्सीजन देने वाला) |
| औषधीय (दवाइयों से युक्त) |
| लकड़ी और ईंधन देने वाला |
प्रश्न 2: नीचे कुछ वृक्षों/पौधों की पत्तियों के चित्र हैं। उनके नाम उलट-पुलट गए हैं। उन्हें पहचानकर मिलान कीजिए। अपनी भाषा में भी उनके नाम पता करके लिखिए। पत्तियों के नाम: बरगद, धनिया, तुलसी, केला, शीशम
उत्तर:
प्रश्न 3: नीचे दी गई पत्तियों को पहचानिए और इनके नाम तथा विशेषताएँ अपने अध्यापकों तथा अभिभावकों की सहायता से लिखिए – आम…
प्रश्न 4: आपके परिवेश में जो भी पत्ते दिखते हैं, उनका संग्रहण कीजिए। पत्तों को किसी मोटे कागज पर चिपकाइए। उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उनके बारे में दो-दो वाक्य लिखिए।
उत्तर:
(1) आम:
आम की पत्तियाँ लंबी और हरी होती हैं।
इनका उपयोग बंदनवार बनाने में किया जाता है।
(2) नीम:
नीम की पत्तियाँ कड़वी होती हैं।
इनमें अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं।
(3) तुलसी
तुलसी एक औषधीय पौधा है।
इसकी पत्तियाँ पूजा और दवा दोनों में काम आती हैं।
(4) बरगद
बरगद का वृक्ष बहुत विशाल होता है।
इसकी घनी छाया लोगों को आराम देती है।
(5) केला
केले की पत्तियाँ बहुत बड़ी होती हैं।
इनका उपयोग भोजन परोसने में भी किया जाता है।
(6) धनिया
धनिया की पत्तियाँ सुगंधित होती हैं।
इनका उपयोग भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 1: नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए –
उत्तर:
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मेरा एक-एक भाग बहुत उपयोगी है।
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मेरी पत्तियों का आकार छोटा और रंग हरा होता है।
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मेरी पत्तियों के किनारे दाँतेदार होते हैं।
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मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से त्वचा के रोग दूर होते हैं।
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मेरी कोमल टहनियाँ दाँत साफ़ करने के काम आती हैं। इसे दातुन कहते हैं।
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मेरे फल को निबौरी कहा जाता है।
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मेरी पत्तियों का स्वाद कड़वा होता है।
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मेरी पत्तियों को सुखाकर अनाज और कपड़ों में रखा जाता है।
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वसंत मास में मेरी छटा देखने लायक होती है।
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आओ, कभी मेरी डाल पर झूले का आनंद लो।
प्रश्न 2: आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए
उत्तर:
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तुलसी
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गिलोय
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एलोवेरा (घृतकुमारी)
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अश्वगंधा
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पुदीना
प्रश्न 3: आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए –
उत्तर:
नीम – अरे ! बहुत दिन बाद आई/आए हो!
आप – हाँ नीम दादा, गर्मियाँ आ गई हैं ना, तो झूला डालने आया हूँ।
नीम – बहुत अच्छा किया! मेरी मजबूत डालियों पर अपना झूला बाँध लो।
आप – आपकी ठंडी छाया में झूलने का बहुत मज़ा आता है।
नीम – झूलते समय संभलकर रहना, गिर मत जाना।
आप – जी दादा, मैं पूरा ध्यान रखूँगा, धन्यवाद!
प्रश्न 1: पगरी में भी, गगरी में भी, और तुम्हारी नगरी में भी। कच्ची खाओ, पक्की खाओ, सिर पर उसका तेल लगाओ।
उत्तर: गरी (नारियल)
प्रश्न 2: वह क्या है जहाँ नदी, नहर, समुद्र है पर गाड़ियाँ नहीं?
उत्तर: मानचित्र (नक्शा)
प्रश्न 3: मैं भाग नहीं सकती फिर भी लोग मुझे बाँधते हैं। बताओ मैं कौन हूँ?
उत्तर: घड़ी (Watch)
प्रश्न 4: वह क्या है जिसे देखा जा सकता है पर छुआ नहीं जा सकता?
उत्तर: परछाई (छाया)













