अध्याय पदार्थों का पृथक्करण के व्यवस्थित नोट्स (Chapter Notes)
1. शुद्ध पदार्थ (Pure Substances) और मिश्रण (Mixtures)
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शुद्ध पदार्थ: शुद्ध पदार्थ में केवल एक ही प्रकार का पदार्थ पाया जाता है एवं इनके कण समान होते हैं । इसके अवयव दिखाई नहीं देते, अतः यह समांग होता है । उदाहरण: सोना, चाँदी, लोहा, ताँबा, नमक एवं शक्कर ।
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मिश्रण: मिश्रण वे पदार्थ हैं, जिनमें दो या दो से अधिक पदार्थ किसी भी अनुपात में मिले होते हैं । मिश्रण का संघटन निश्चित नहीं होता है और इसके गुण उनके अवयवों पर निर्भर करते हैं । उदाहरण: शर्बत, वायु, समुद्री जल ।
2. तत्व (Elements) एवं यौगिक (Compounds)
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तत्व: तत्व के अणुओं में केवल एक प्रकार के परमाणु होते हैं । जैसे- लोहा, ऑक्सीजन आदि ।
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यौगिक: यौगिक के अणु दो या दो से अधिक विभिन्न प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं । उदाहरण: जल का अणु (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना है) । यौगिक के गुण उनके अवयवी तत्वों के गुणों से सर्वथा भिन्न होते हैं ।
3. मिश्रण के प्रकार (Types of Mixtures)
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समांगी मिश्रण: ऐसे मिश्रण जिनमें दो या दो से अधिक अवयव उपस्थित रहते हैं, किन्तु उन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता है । उदाहरण: पानी और चीनी का मिश्रण ।
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विषमांगी मिश्रण: ऐसे पदार्थ जिनमें उनके अवयवी पदार्थों को सामान्यतः अलग-अलग देखा जा सकता है । इसमें घटक समान रूप से वितरित नहीं होते हैं । उदाहरण: बालू एवं लोहे की छीलन का मिश्रण ।
4. पृथक्करण की विधियाँ (Methods of Separation)
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ठोस से ठोस को पृथक करना:
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फटकना और ओसाना: वायु की सहायता से हल्के अशुद्धियों/भूसे को भारी अनाज से अलग करना ।
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थ्रेशिंग: अन्न कणों को पके हुए पौधों से अलग करने की प्रक्रिया ।
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बीनना: आकृति, आकार या रंग में भिन्न अनुपयोगी पदार्थों (जैसे कंकड़) को हाथ से बीनकर अलग करना ।
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चालना: भिन्न-भिन्न आकार के घटकों को जाली या चलनी द्वारा पृथक करना ।
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ऊर्ध्वपातन: ठोस पदार्थों का गरम करने पर बिना द्रवित हुए सीधे वाष्प में और ठंडा होने पर वाष्प से सीधे ठोस में बदलना (जैसे- कपूर, नैफ्थलीन) ।
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अघुलनशील ठोस को द्रव से पृथक करना:
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तलछटीकरण और निथारना: भारी अघुलनशील ठोस का पेंदी में बैठना तलछटीकरण है, और ऊपर के द्रव को अलग करना निथारना कहलाता है ।
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छानना: फिल्टर पेपर या छननी द्वारा द्रव में अघुलनशील पदार्थ को अलग करना ।
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अपकेन्द्रण: मिश्रण को तीव्र गति से घुमाकर भारी कणों को नीचे और हल्के कणों (जैसे दूध से मक्खन) को ऊपर पृथक करना ।
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घुलनशील ठोस को द्रव से पृथक करना:
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वाष्पन: द्रव का वाष्प में परिवर्तित होना वाष्पन कहलाता है । (जैसे समुद्र से नमक प्राप्त करना) ।
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आसवन: वाष्पीकरण और संघनन विधि द्वारा शुद्ध द्रव को प्राप्त करने की प्रक्रिया ।
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क्रिस्टलीकरण: संतृप्त विलयन को गर्म करके और फिर बिना हिलाए ठंडा करके शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करना ।
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अन्य विधियाँ:
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पृथक्कारी कीप: दो अमिश्रणीय द्रवों (जैसे पानी और मिट्टी का तेल) को अलग करने के लिए ।
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चुम्बकीय पृथक्करण: चुम्बक की सहायता से लोहे की वस्तुओं को अलग करना ।
- क्रोमैटोग्राफी: रंगों के मिश्रण में से विभिन्न रंगों को पृथक करने की विधि ।
विस्तृत प्रश्न-उत्तर (Detailed Q&A)
प्रश्न 1: शुद्ध पदार्थ किसे कहते हैं?
उत्तर: शुद्ध पदार्थ में केवल एक ही प्रकार का पदार्थ पाया जाता है एवं इनके कण समान होते हैं । जैसे- सोना, चाँदी, लोहा आदि ।
प्रश्न 2: मिश्रण की परिभाषा क्या है?
उत्तर: मिश्रण वे पदार्थ हैं, जिनमें दो या दो से अधिक पदार्थ किसी भी अनुपात में मिले होते हैं ।
प्रश्न 3: तत्व के अणुओं की क्या विशेषता होती है?
उत्तर: तत्व के अणुओं में केवल एक प्रकार के परमाणु होते हैं । एक ही तत्व के एक या अधिक समान प्रकार के परमाणु मिलकर उसी तत्व का अणु बनाते हैं ।
प्रश्न 4: यौगिक और तत्व में क्या अंतर है?
उत्तर: तत्व के अणुओं में केवल एक प्रकार के परमाणु होते हैं, जबकि यौगिक के अणु दो या दो से अधिक विभिन्न प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं ।
प्रश्न 5: समांगी मिश्रण किसे कहते हैं?
उत्तर: ऐसे मिश्रण जिनमें दो या दो से अधिक अवयव उपस्थित रहते हैं, किन्तु उन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता है, समांगी मिश्रण कहलाते हैं ।
प्रश्न 6: विषमांगी मिश्रण को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: ऐसे ठोस अथवा द्रव पदार्थों के मिश्रण, जिनमें उनके अवयवी पदार्थों को सामान्यतः अलग-अलग देखा जा सकता है, विषमांगी मिश्रण कहलाते हैं । जैसे- जल एवं बालू का मिश्रण ।
प्रश्न 7: फटकना या ओसाना विधि का उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर: इस विधि का उपयोग वायु की सहायता से हल्के ठोस घटकों (जैसे भूसा) को भारी ठोस घटकों (जैसे अनाज) से पृथक करने में किया जाता है ।
प्रश्न 8: थ्रेशिंग प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: अन्न कणों को पके हुए पौधों या सूखे पौधों के ढेर से अलग करने की प्रक्रिया को थ्रेशिंग कहते हैं ।
प्रश्न 9: घर में चावल या दाल से कंकड़ अलग करने के लिए किस विधि का प्रयोग होता है?
उत्तर: इसके लिए ‘बीनना’ (Hand picking) विधि का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि कंकड़-मिट्टी की आकृति और रंग दाल या चावल से भिन्न होते हैं ।
प्रश्न 10: चालना (Sieving) प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: इस प्रक्रिया में भिन्न-भिन्न आकार के घटकों को पृथक करने के लिए विभिन्न आकार एवं आकृति के छिद्र वाले चलने या जाली का प्रयोग किया जाता है, जैसे आटे से चोकर अलग करना ।
प्रश्न 11: ऊर्ध्वपातन (Sublimation) किसे कहते हैं?
उत्तर: वह प्रक्रिया जिसमें ठोस पदार्थ गरम करने पर बिना द्रवित हुए सीधे वाष्प में बदल जाते हैं और ठण्डा होने पर वाष्प सीधे ठोस पदार्थ में बदल जाते हैं, ऊर्ध्वपातन कहलाती है ।
प्रश्न 12: तलछटीकरण (Sedimentation) क्या है?
उत्तर: किसी द्रव में अघुलनशील और भारी ठोस पदार्थों के पेंदी में बैठने की क्रिया को तलछटीकरण या अवसादन कहते हैं ।
प्रश्न 13: अपकेन्द्रण विधि का एक दैनिक उपयोग बताइए।
उत्तर: घरों में दही को मथनी से फेंट कर मक्खन और छाछ को पृथक करना या डेयरी में दूध से क्रीम अलग करना अपकेन्द्रण विधि का उपयोग है ।
प्रश्न 14: वाष्पन (Evaporation) विधि का क्या उपयोग है?
उत्तर: घुलनशील ठोस पदार्थों को द्रव से पृथक करने के लिए वाष्पन विधि का उपयोग किया जाता है । इसी विधि से समुद्र से नमक प्राप्त किया जाता है ।
प्रश्न 15: आसवन (Distillation) प्रक्रिया को स्पष्ट करें।
उत्तर: किसी विलयन से वाष्पीकरण और संघनन विधि द्वारा शुद्ध द्रव को प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसवन कहते हैं ।
प्रश्न 16: संतृप्त विलयन किसे कहते हैं?
उत्तर: ऐसा विलयन जिसमें विलेय (जैसे फिटकरी) को तब तक घोला जाए जब तक कि पानी में उसका घुलना बन्द न हो जाए, संतृप्त विलयन कहलाता है ।
प्रश्न 17: दो अमिश्रणीय द्रवों (जैसे पानी और मिट्टी का तेल) को कैसे अलग किया जाता है?
उत्तर: इन्हें पृथक्कारी कीप (Separating funnel) द्वारा पृथक किया जाता है, क्योंकि हल्का द्रव ऊपर और भारी द्रव नीचे रहता है ।
प्रश्न 18: चुम्बकीय पृथक्करण विधि कहाँ उपयोगी है?
उत्तर: इस विधि का उपयोग मिश्रण में से लोहे के अवयवों या वस्तुओं (जैसे कील, सुई) को चुम्बक की सहायता से पृथक करने के लिए किया जाता है ।
प्रश्न 19: क्रोमैटोग्राफी विधि क्या है?
उत्तर: रंगों में पाए जाने वाले विभिन्न अवयवों या रंगों को पृथक करने और पहचानने की विधि क्रोमैटोग्राफी कहलाती है ।
प्रश्न 20: संघनन (Condensation) किसे कहते हैं?
उत्तर: भाप (वाष्प) के ठंडी होकर द्रव में परिवर्तित होने की क्रिया को संघनन कहते है.
अभ्यास प्रश्नों के हल (Exercise Solutions)
1. सही विकल्प को छाँटकर लिखिए:
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(क) शुद्ध पदार्थ वे पदार्थ हैं – (iii) जिसमें सभी अणु समान प्रकृति के हों।
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(ख) वायु है – (ii) समांगी मिश्रण। (क्योंकि वायु में विभिन्न गैसें समान रूप से घुली होती हैं जिन्हें अलग नहीं देखा जा सकता)
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(ग) बालू और लोहे की छीलन को पृथक किया जाता है – (ii) चुम्बकीय पृथक्करण द्वारा।
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति (दिए गए शब्द: भाप, अपकेन्द्रण, लोहे, वाष्पन, ऊर्ध्वपातन तथा जल):
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(क) अपकेन्द्रण विधि दूध से क्रीम को पृथक करने में उपयोग की जाती है ।
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(ख) कपूर और साधारण नमक का मिश्रण ऊर्ध्वपातन विधि से पृथक किए जाते हैं।
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(ग) लोहे के छीलन को किसी मिश्रण से चुम्बक द्वारा पृथक किया जाता है।
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(घ) नमक और पानी के मिश्रण से नमक वाष्पन विधि द्वारा पृथक किया जाता है।
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(ङ) आसवन विधि द्वारा भाप से शुद्ध जल प्राप्त किया जाता है।
3. सत्य और असत्य छाँटिए:
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(क) नदियों के जल के तलछटीकरण और छानने के बाद पीने का पानी प्राप्त होता है। – सत्य
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(ख) चावल के कण महीन छेद वाली चलनी से छान कर पृथक कर लिए जाते हैं। – असत्य (चावल को बीनकर अलग किया जाता है )
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(ग) समुद्र जल को वाष्पित करके नमक प्राप्त किया जाता है। – सत्य
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(घ) शुद्ध पदार्थ समांगी पदार्थ है जिसमें केवल एक प्रकार के ही अणु होते हैं। – सत्य
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(ङ) चीनी का शर्बत विषमांगी मिश्रण है। – असत्य (यह समांगी मिश्रण है )
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(च) क्रोमैटोग्राफी विधि द्वारा रंगों का विभेदीकरण करते हैं। – सत्य
4. यदि मिश्रण में दिया गया अवयव निम्नवत् गुण प्रदर्शित कर रहा है तो इसमें पृथक्करण की कौन सी विधि अपनाएंगे?
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क. दूसरे अवयवों से भारी हो। -> ओसाना (Winnowing) या निथारना (Decantation)
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ख. दूसरे अवयवों से बड़ा हो। -> बीनना (Handpicking) या चालना (Sieving)
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ग. दूसरे अवयवों से आकृति एवं रंग में भिन्न हो। -> बीनना (Handpicking)
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घ. एक पानी में घुलनशील, दूसरा अघुलनशील हो। -> छानना (Filtration) (अघुलनशील को अलग करने के लिए) और उसके बाद वाष्पन (Evaporation) (घुलनशील को प्राप्त करने के लिए)।
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ङ. एक अवयव तैरता हो, दूसरा अवयव डूब गया हो। -> निथारना (Decantation) या छानना (Filtration)
5. चीनी के शर्बत में लकड़ी के कोयले के कुछ छोटे टुकड़े मिल गये हैं। इन्हें आप कैसे पृथक करेंगे?
उत्तर: कोयला पानी में अघुलनशील होता है, अतः इन्हें छानना (Filtration) विधि द्वारा छननी या फिल्टर पेपर का उपयोग करके आसानी से पृथक कर लिया जाएगा ।
6. संक्षेप में उत्तर दीजिए:
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(क) शुद्ध और अशुद्ध (मिश्रण) पदार्थ में क्या अन्तर है? शुद्ध पदार्थ में केवल एक ही प्रकार के कण या अणु होते हैं (जैसे नमक) । अशुद्ध पदार्थ या मिश्रण दो या दो से अधिक प्रकार के कणों से मिलकर बने होते हैं और इनका संघटन निश्चित नहीं होता है ।
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(ख) समांगी और विषमांगी मिश्रण किसे कहते हैं? समांगी मिश्रण में अवयव समान रूप से वितरित होते हैं और उन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता (जैसे शर्बत) । विषमांगी मिश्रण में घटक समान रूप से वितरित नहीं होते और उन्हें अलग-अलग देखा जा सकता है (जैसे बालू और पानी) ।
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(ग) दो शुद्ध पदार्थ के नाम बताइये। सोना और चाँदी ।
7. अपनी अभ्यास-पुस्तिका में घर में प्रयोग की जाने वाली मिश्रण से पृथक्करण की किसी विधि का नामांकित चित्र बनाइए।
(नोट: इस प्रश्न के लिए आप अपनी कॉपी में चाय छानते हुए छननी का चित्र (छानना विधि) या सूप से अनाज फटकते हुए (फटकना विधि) का चित्र बना सकते हैं।)
8. क्रोमैटोग्राफी विधि का प्रयोग हम कहाँ-कहाँ पर कर सकते हैं?
उत्तर: इस विधि का प्रयोग स्याही में मौजूद विभिन्न रंगों को पहचानने और रंगों (जैसे डाइ) में पाए जाने वाले विभिन्न अवयवों को पृथक करने में किया जाता है ।
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